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स्वास्थ्य जानकारी

नवजात शिशु स्क्रीनिंग (NBS)

नवजात शिशु स्क्रीनिंग (Newborn Screening) क्या है?

नवजात शिशुओं में होने वाले कई विकारों के लक्षण शुरुआती दौर में दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन जब इन शिशुओं को ऊपर का दूध या आहार देना शुरू किया जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। नवजात शिशु स्क्रीनिंग (NBS) जन्म के 3 से 7 दिनों के भीतर संभावित चयापचय (metabolic) या आनुवंशिक (genetic) विकारों की पहचान करने के लिए की जाने वाली जाँच है, ताकि जल्द से जल्द उपचार शुरू किया जा सके। इससे इन विकारों के कारण होने वाले दीर्घकालिक हानिकारक प्रभावों की गंभीरता को रोका या कम किया जा सकता है।

इस जाँच के लिए बच्चे की एड़ी में हल्की सी सुई चुभाकर (heel prick) फिल्टर पेपर पर रक्त की कुछ बूंदें एकत्र की जाती हैं।

नवजात शिशु स्क्रीनिंग सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद फायदेमंद साबित हुई है। विकसित देशों में जन्म के समय नियमित रूप से स्क्रीनिंग की जाती है ताकि लगभग 50 चयापचय विकारों (metabolic disorders) की संभावना को खारिज किया जा सके।

भारत में भी चरणबद्ध तरीके से सभी नवजात शिशुओं के लिए इस सार्वभौमिक नवजात स्क्रीनिंग (universal newborn screening) की अत्यधिक आवश्यकता है।

स्क्रीनिंग किए जाने वाले विकारों के प्रकार

समूह क (सभी नवजात शिशुओं के लिए)

सभी नवजात शिशुओं की निम्नलिखित विकारों के लिए जाँच की जानी चाहिए:

  • जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म (Congenital hypothyroidism)
  • जन्मजात एड्रेनल हाइपरप्लासिया (Congenital adrenal hyperplasia)
  • जी6पीडी की कमी (G6PD deficiency)

समूह ख (उच्च जोखिम वाली आबादी में स्क्रीनिंग)

उच्च जोखिम वाले नवजात शिशुओं में इस स्क्रीनिंग की विशेष रूप से सिफारिश की जाती है, जैसे:

  • पिछले भाई या बहन को अज्ञात कारणों से मानसिक मंदता (mental retardation) होना
  • दौरे पड़ने की बीमारी (Seizure disorder)
  • पिछले किसी भाई या बहन की अज्ञात कारणों से मृत्यु होना जो आईईएम (IEM) का संकेत देती हो
  • गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशु (Critically ill neonates)
  • ऐसे नवजात/बच्चे जिनमें आईईएम (IEM) के लक्षण दिखाई दे रहे हों
  • परिवार में सगोत्र या करीबी रिश्तेदारों में विवाह (Consanguinity) का इतिहास होना

निम्नलिखित विकारों के लिए स्क्रीनिंग की जा सकती है:

  • फिनाइलकीटोनुरिया (Phenylketonuria)
  • होमोसिस्टिनुरिया (Homocystinuria)
  • अल्काप्टोनुरिया (Alkaptonuria)
  • गैलेक्टोसीमिया (Galactosemia)
  • सिकल सेल एनीमिया और अन्य हीमोग्लोबिनेपैथी (Sickle cell anemia)
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic fibrosis)
  • बायोटिनिडेज की कमी (Biotinidase deficiency)
  • मैपल सिरप यूरिन डिजीज (MSUD)
  • मीडियम-चेन एसाइल-CoA डिहाइड्रोजनेज की कमी (MCAD)
  • टायरोसिनीमिया (Tyrosinemia)
  • फैटी एसिड ऑक्सीकरण दोष (Fatty acid oxidation defects)

समूह ग (संसाधन-संपन्न चिकित्सा केंद्रों में स्क्रीनिंग)

जहाँ TMS/GCMS प्रयोगशालाओं में नमूने भेजने की सुविधा उपलब्ध हो, वहाँ आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत मामलों के आधार पर विस्तृत नवजात स्क्रीनिंग की पेशकश की जा सकती है, जिसमें TMS द्वारा 30-40 IEM या GCMS द्वारा 110 IEM (Inborn Errors of Metabolism) की जाँच शामिल है।

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