28% बच्चे प्रसव के दौरान कम वजन के पैदा होते है (यूनिसेफ, 2014)। अधिकांश कम वजन वाले समय से पहले जन्मे बच्चे और समय पर जन्मे लेकिन कम वजन वाले बच्चे आगे चलकर भविष्य में भी कम वजन और कम उचाई (कुपोषित) रहते है। इसलिए इन शिशुओं के पोषण को उचित महत्त्व दिया जाना चाहिए।
“माँ का दूध” और “माँ का ही दूध” कम वजन और समयपूर्व बच्चे सहित सभी नवजात शिशु के लिए आदर्श आहार है। माँ द्वारा स्तन से निकाला गया दूध ही बच्चे को देना चाहिए। सबसे अच्छे विकल्प के रूप में दूध के महत्त्व को देखते हुए अन्य स्तनपान कराने वाली माँ का निकाला गया दूध (डोनर दूध) भी दिया जा सकता है।
स्तन के दूध को संगृहीत करके रखने के तरीके:-
पूर्ण आहार जो दी जानी चाहिए वह एक दिन में शरीर के प्रत्येक किलोग्राम के लिए 200 ML. है, यह कम वजन के बच्चे की पोषण सम्बन्धी जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त कैलोरी और अधिकांश सूक्ष्म पोषक प्रदान करता है। हालांकि विटामिन, आयरन और कैल्सियम-फॉस्फोरस भी पूरक के रूप में देना चाहिए।
दूध 200 एम.एल./किग्रा/दिन, कप/कटोरी/चमच द्वारा प्रत्येक 2-3 घंटे में 8-12 बार सामान रूप से विभाजित करके देना चाहिए | दूध की मात्रा 24 घंटे में 8-12 बार मूत्र की आवृति और वजन बढ़ने से आँका जा सकता है जो कि एक दिन में 15-20 ग्राम होता है।