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स्वास्थ्य जानकारी

परिवार नियोजन / जन्म नियंत्रण

परिवार नियोजन / जन्म नियंत्रण क्या है?

यह एक मूलभूत मानव अधिकार है। यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर, बल्कि एक मानव जाति के रूप में हमारी भावी पीढ़ी को जीवन का आनंद लेने के लिए हमारे परिवार के आकार को सीमित रखना समय की आवश्यकता है। अनुसंधान से पता चलता है कि भारत जैसे देशों में परिवार नियोजन पर पर्याप्त ध्यान केंद्रित करने से न केवल गरीबी और भुखमरी को बल्कि औसतन **32%** मातृ और लगभग **10%** बच्चों की मृत्यु को कम किया जा सकता है। परिवार नियोजन में निवेश सबसे बुद्धिमत्तापूर्ण कदम है जो भारत के समग्र सामाजिक-आर्थिक वर्ग में ले जाया जा सकता है और निवेश पर उच्च प्रतिफल प्राप्त किया जा सकता है और देश के विकास को गति दे सकता है।

गर्भनिरोधक क्या है?

गर्भनिरोधक शब्द का अर्थ संभोग के कारण गर्भवती होने से बचने की प्रक्रिया है। इसमें शामिल हैं:

    1) अस्थायी (Temporary) और

    2) स्थायी (Permanent)।

Family Steps

1) अस्थायी (Temporary)

इनका उपयोग गर्भधारण के अंतराल को बढ़ाने (birth spacing) के लिए किया जाता है। आदर्श रूप से गर्भावस्था के बीच **5 साल** का अंतराल होना चाहिए। प्रसव के दौरान खोए हुए लोहे (iron) को पूर्णतः प्राप्त करने के लिए एक महिला को न्यूनतम **2 वर्ष** की आवश्यकता होती है। साथ ही बच्चे को स्तनपान न्यूनतम **2 साल** तक कराया जाना चाहिए। इसका उपयोग उन जोड़ों द्वारा भी किया जाता है, जिनके पास आगे जाकर बच्चे की कोई इच्छा नहीं है।

A) अवरोधक विधि (Barrier Method)

यह विधि गर्भाशय गुहा (uterine cavity) में शुक्राणु के प्रवेश को रोकती है।

I) यंत्रवत् (Mechanical)

पुरुष कंडोम:
  • यौन संचारित रोगों (STD) के विरुद्ध बचाव करता है।
  • कभी-कभी (infrequent) के यौन संबंध के लिए अनुकूल है।
  • सस्ता / कम खर्चीला (Inexpensive) होता है।
महिला:
a) महिला कंडोम (Femidom)
  • यौन संचारित रोग (STD) और पेल्विक इंफ्लेमेटरी बीमारी (PID) से बचाता है।
  • महँगा होता है।
  • धोने, सुखाने और तेल देकर चिकना करके कई बार उपयोग किया जा सकता है।
b) डायाफ्राम (Diaphragm)
c) सरवाइकल कैप (Cervical Cap)

II) रासायनिक (Chemical)

ये शुक्राणुनाशक (spermicidal) एजेंट होते हैं जिनमें नॉनॉक्सिनोल-9, ऑक्टोक्सीनोल, बेंजालकोनियम, मेन्फेगोल और एंजाइम अवरोधक होते हैं जो क्रीम, जेली और फोम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होते हैं।

B) प्राकृतिक गर्भनिरोध (Natural Contraception)

I. कैलेंडर / रिदम विधि (Calendar / Rhythm Method)

इसके पीछे का मुख्य आधार ओवुलेशन (ovulation) के समय संभोग से बचना है। सुरक्षित अवधि की गणना मासिक धर्म के पहले दिन से चक्र के **10वें दिन** तक और **18वें से 28वें दिन** तक की जाती है।

याद रखने योग्य नियम: मासिक धर्म की अवधि के दौरान **"नौ से उन्नीस तक नो सेक्स"**।

II. लिंग निकालना / सहवास को रोकना (Coitus Interruptus)

इसमें स्खलन (ejaculation) से कुछ समय पहले लिंग की निकासी की आवश्यकता होती है।

  • इसके लिए पुरुष साथी द्वारा पर्याप्त आत्म-नियंत्रण की आवश्यकता होती है।
  • असफलता की संभावना अधिक होती है।
  • स्खलन से पहले प्री-कोइटल प्रोस्टेटिक स्राव में भी शुक्राणु हो सकते हैं और **1 शुक्राणु** भविष्य को बदलने के लिए पर्याप्त है!
  • संयोगवश योनि में शुक्राणु का जमाव हो सकता है और दोनों भागीदारों को काफी चिंता हो सकती है।

III) स्तनपान / लैक्टेशनल अामेनोरीया (Lactational Amenorrhea)

जब माँ पूरी तरह से स्तनपान करवाती है, तो तीसरे प्रसवोत्तर महीने (3rd postpartum month) में और आंशिक या स्तनपान नहीं कराने की स्थिति में तीसरे सप्ताह (3rd postpartum week) में अन्य गर्भनिरोधक उपाय का उपयोग शुरू कर देना चाहिए।

C) अंतर्गर्भाशयी गर्भनिरोधक उपकरण (IUCD / Copper T)

यह गर्भनिरोधक का एक प्रभावी, प्रतिवर्ती (reversible) और दीर्घकालिक तरीका है। इसका एक नायलॉन धागा इसके निचले सिरे से जुड़ा होता है जो योनि में ग्रीवा (cervical canal) के माध्यम से बाहर आता है, जहां इसे स्वयं महिला द्वारा या चिकित्सक द्वारा महसूस किया जा सकता है।

यह तीन प्रकार का होता है:

  • गैर-औषधीय अक्रिय उपकरण (Non-medicated inert devices): उदाहरण: Lippes loop और Saf T-coil।
  • मेडिकेटेड (बायोएक्टिव) कॉपर युक्त उपकरण: उदाहरण: कॉपर टी 200, कॉपर टी 220, कॉपर टी 380, नोवा टी आदि। वे **3 से 5 साल** तक प्रभावी हैं। गर्भाशय में प्रतिदिन लगभग **50 माइक्रोग्राम** कॉपर की मात्रा निकलती है। कॉपर टी 380ए **10 साल** के लिए प्रभावी है और नोवा टी **5 साल** के लिए।
  • हॉर्मोन युक्त IUCD: प्रोजेस्टसर्ट (Progestasert) और लेवोनोर्गेस्ट्रोल (Levonorgesterol)। वे **5 साल** के लिए प्रभावी हैं। स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए इसे सुरक्षित रूप से दिया जा सकता है।

डालने का समय (Time of Insertion)

गर्भाशय को पूर्व-गर्भावस्था के आकार में आने देने के लिए प्रसव के बाद **6 सप्ताह** के बाद ही सम्मिलन (insertion) करना बेहतर होता है।

मासिक धर्म समाप्त होने के **2-3 दिन** बाद इसे डालने की सलाह दी जाती है।

स्तनपान जनित एमेनोरिया के दौरान, सक्शन, इवैक्यूएशन, D&E या स्वतः गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई के तुरंत बाद इसे डाला जा सकता है।

यह एक बाह्य रोगी विभाग (OPD) प्रक्रिया है और बिना संज्ञाहरण (local anesthesia) के प्रशिक्षित पराचिकित्सकों (paramedics) द्वारा भी की जा सकती है।

D) स्टेरॉयडयुक्त गर्भनिरोधक (Steroidal Contraception)

1) संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक (सी.ओ.सी. गोलियां / COC Pills)

संयुक्त मौखिक स्टेरायडल गर्भनिरोधक गोलियां सबसे प्रभावी अस्थायी तरीका हैं।

सीओसी गोलियों में आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोजेस्टिन के संयोजन लेवोनोर्गेस्ट्रेल, नॉरएथेस्ट्रोन या डिसोगेस्ट्रेल होते हैं।

एस्ट्रोजेन मुख्यतः एथिनिल एस्टेरोडिओल या मेस्ट्रानोल होते हैं। वर्तमान में "लिपिड फ्रेंडली" तीसरी पीढ़ी के प्रोजेस्टिन जैसे डिसोगेस्ट्रोल, जेस्टोडीन और नॉरटेस्टिम भी बाजार में उपलब्ध हैं।

कैसे उपयोग करें

नए उपयोगकर्ताओं को अपने मासिक धर्म चक्र के पहले दिन (Day 1) पर अपना गोली का पैक शुरू करना चाहिए। लगातार **21 दिनों** के लिए अधिमानतः सोने के समय एक गोली दैनिक रूप से ली जाती है।

उपयोग के पहले चक्र के दौरान, गर्भवती होने की संभावना को पूरी तरह रोकने के लिए एक अतिरिक्त (बैकअप) अवरोधक विधि का उपयोग करना चाहिए।

**21 दिनों** के निरंतर उपयोग के बाद, **7 दिन** का विराम (break) होना चाहिए।

अगले सप्ताह उसी दिन, रक्तस्राव (bleeding) होने या न होने की अपेक्षा किए बिना नया पैक शुरू करें।

इस प्रकार, **"3 सप्ताह प्रयोग और 1 सप्ताह छुट्टी"** के एक सरल नियम का धार्मिक रूप से पालन किया जाना चाहिए। 28 गोलियों के पैक के लिए पैक के बीच कोई विराम नहीं होना चाहिए, जिनमें से **7 गोलियां** लोहे/विटामिन की होती हैं। यदि महिला **21 गोलियों** में से एक गोली लेना भूल जाती है, तो उसे अगले दिन **2 गोलियां** लेनी चाहिए। यदि वह एक चक्र में एक से अधिक बार गोलियां भूलती है, तो सुरक्षा कम हो जाती है और उस चक्र में अवरोधक विधि का उपयोग करना चाहिए।

गर्भपात के अगले दिन से ही गोली शुरू की जा सकती है। स्तनपान न कराने वाली मां में जन्म के **3 सप्ताह** बाद और स्तनपान कराने वाली मां में इसे **6 महीने** के बाद शुरू किया जाना चाहिए।

प्रतिवाद / निषेध (Contraindications)

  • हृदय या परिसंचरण तंत्र रोग (अतीत या वर्तमान)
  • खून जमने का विकार / थ्रोम्बोम्बोलिक विकार (वर्तमान या अतीत)
  • 35 वर्ष से अधिक उम्र की धूम्रपान करने वाली महिलाएं, मधुमेह
  • माइग्रेन / अर्धशीर्षी
  • महिलाओं में लिवर/यकृत की बीमारियां होना
  • थायराइड की बीमारी
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं (शुरुआती महीनों में)
  • मोनिलियल योनिशोथ (Monilial vaginitis)

साथ ही कई दवाएं सीओसी गोलियों के अवशोषक में बाधा डालती हैं। इसलिए स्त्रीरोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) के साथ परामर्श करके ही संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक शुरू करना चाहिए और किसी भी अन्य इलाज से पहले डॉक्टर को इसके सेवन की जानकारी देनी चाहिए।

2) प्रोजेस्टिन केवल गोली (पी.ओ.पी. / मिनी गोली / POP)

इसमें एस्ट्रोजन का कोई यौगिक नहीं होता है और निम्नलिखित फॉर्मूलेशन में केवल प्रोजेस्टिन की ही कम खुराक होती है:

Family Steps
  • नॉरथिस्टेरोन **350 माइक्रोग्राम**
  • डेसोगेस्ट्रेल **75 माइक्रोग्राम**
  • लिनेस्ट्रेनॉल **500 माइक्रोग्राम**
  • नॉरगेस्ट्रेल **30 माइक्रोग्राम**

इसे बिना भूले रोजाना तय समय के दोनों तरफ **3 घंटे** के अंतराल के भीतर ही लेना होता है। सेवन में **3 घंटे** से अधिक देरी होने पर महिला को तुरंत भूली हुई गोली लेनी चाहिए और अगली गोली निर्धारित समय पर लें, लेकिन अगले **2 दिनों** के लिए अतिरिक्त गर्भनिरोधक उपाय (कंडोम आदि) का उपयोग करें।

सख्त दैनिक अनुपालन (strict daily compliance) ही इसका सबसे मुख्य ड्रॉबैक है। स्तनपान कराने वाली मां को **21 दिनों** के बाद और गर्भपात के तुरंत बाद ही पी.ओ.पी शुरू कर देना चाहिए।

3) इंजेक्शन प्रोजेस्टिन (Injectable Progestins)

सख्त दैनिक अनुपालन से बचने के लिए, प्रोजेस्टोजेन के डिपो इंजेक्शन तैयार किए गए हैं जो मांस (Intramuscular) में दिए जाते हैं। उपलब्ध दवाएं डिपो मेड्रोक्सीप्रोजेस्टेरोन एसीटेट (DMPA) और नोर एथिस्टेरोन एंथेट (NET-EN) हैं।

  • DMPA **150 मिलीग्राम** हर **3 महीने** में दिया जाता है।
  • DMPA **300 मिलीग्राम** हर **6 महीने** में।
  • NET-EN **200 मिलीग्राम** हर **2 महीने** के अंतराल पर दिया जाता है।

इंजेक्शन स्तनपान न कराने वाली मां को एक महीने में और स्तनपान कराने वाली मां को **3 महीने** के बाद शुरू किया जाता है। इसके अपने लाभ और निषेध हैं, अतः स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श आवश्यक है।

4) इम्प्लांट (Implants)

इम्प्लांट में शामिल प्रोजेस्टोजन की विभिन्न मात्रा वाले कैप्सूलों को गैर-प्रमुख हाथ के आंतरिक हिस्से में कोहनी से **6-8 सेंटीमीटर** ऊपर उपत्वचा (subdermally) में डाला जाता है। ये निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:

  • नॉरप्लांट I: इसमें **6 कैप्सूल** होते हैं जिनमें लेवोनोर्गेस्ट्रेल होता है जो **5 साल** तक काम करता है।
  • नॉरप्लांट II: इसमें **2 कैप्सूल** होते हैं जो **3 से 5 साल** तक गर्भनिरोधक प्रदान करते हैं।
  • कैप्रोनोर (Capronor): यह शरीर में ही प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाली एक कैप्सूल है जो **1 साल** के लिए काम करती है।
  • सिलिकॉन योनि वृत्त (Vaginal Rings): महिला स्वयं इसे योनि में डालती है। इसे **3 सप्ताह** के लिए योनि में रखा जाता है और मासिक धर्म के समय **1 सप्ताह** के लिए हटा दिया जाता है।

इम्प्लांट मासिक धर्म चक्र के पहले दिन, गर्भपात के **5 दिनों** के भीतर या प्रसव के **3 सप्ताह** बाद डाला जाता है। प्रक्रिया स्थानीय सुन्नता (local anesthesia) करके मात्र **5-10 मिनट** में पूरी की जा सकती है। पहले **7 दिनों** तक अतिरिक्त अवरोध विधि अपनानी चाहिए।

5) चर्म पैच (Skin Patches)

ये हार्मोनल पैच होते हैं जो नितंबों या पेट पर लगाए जाते हैं (स्तन पर नहीं)। इसमें से रोज **150mcg** नॉरलेस्ट्रोमिन और **20mcg** EE2 निकलता है और यह **7 दिनों** तक चलता है। **3 पैच** का इस्तेमाल लगातार **21 दिनों** तक किया जाता है, जिसके बाद **1 सप्ताह** पैच-मुक्त अंतराल होता है।

6) सेंटक्रोमन (Centchroman)

यह केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI), लखनऊ द्वारा **"सहेली"** नाम से विकसित गैर-हॉर्मोनल गोली है। यह **30 मिलीग्राम** की गोली मासिक धर्म के पहले दिन से शुरू होती है और पहले **12 सप्ताह** के लिए सप्ताह में दो बार, और उसके बाद सप्ताह में एक बार ली जाती है।

7) संभोग के पश्चात गर्भ-निरोध (Postcoital / Emergency Contraception)

इसे "आपातकालीन गर्भनिरोधक" भी कहा जाता है, जो असुरक्षित संभोग, कंडोम के फटने, मिनी पिल में **3 घंटे** से अधिक की देरी, गोली छूटने या यौन उत्पीड़न/बलात्कार के बाद गर्भावस्था को रोकने के लिए आवश्यक है।

उपलब्ध उपाय निम्नलिखित हैं:

  • संयुक्त उच्च खुराक की गोलियां (100 माइक्रोग्राम एथीनीलएस्ट्राडियोल + 1mg नोरेथिस्टेरोन या 500mcg लेवोनोर्गेस्ट्रल) संभोग के **72 घंटे** के भीतर, फिर **12 घंटे** बाद दोबारा।
  • लेवोनोर्गेस्ट्रेल (LNG) **0.75 मिलीग्राम** की 1 टैबलेट असुरक्षित संभोग के **72 घंटे** के भीतर और दूसरी **12 घंटे** बाद, या **2 गोलियां** एक साथ एकल खुराक के रूप में।
  • मिफेप्रिस्टोन (Mifepristone): संभोग के **17 दिनों** के भीतर **100 मिलीग्राम** की एकल खुराक।
  • सेंटक्रोमन (Saheli): **30 मिलीग्राम** की दो गोलियां (कुल **60 मिलीग्राम**) **24 घंटे** के भीतर।
  • कॉपर टी (IUCD): असुरक्षित संभोग के **5 दिनों** के भीतर गर्भाशय में डाला जाता है।

इन सभी आपातकालीन तैयारियों और विधियों में गर्भावस्था की विफलता दर मात्र **0-2%** है। इसे शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

2) स्थायी विधि (Permanent Method / Sterilization)

नसबंदी (Sterilization) एक स्थायी शल्य चिकित्सा पद्धति है जिसका उद्देश्य भविष्य में गर्भधारण को हमेशा के लिए रोकना है। यह उन दंपतियों के लिए सबसे उपयुक्त है जिन्होंने अपना परिवार पूरा कर लिया है।

I) पुरुष नसबंदी (Vasectomy)

इसमें वास डिफेरेन्स (vas deferens) को काटकर अलग किया जाता है जिससे शुक्राणु का मार्ग बाधित हो जाता है। चूंकि शुक्राणु प्रजनन पथ में **3 महीने** तक संग्रहीत रह सकते हैं, तब तक वैकल्पिक गर्भनिरोधक (कंडोम आदि) का उपयोग किया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया महिला नसबंदी की तुलना में काफी सरल और बेहतर मानी जाती है।

II) महिला नसबंदी (Tubal Ligation)

यह फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tubes) को बंद या ब्लॉक करने की प्रक्रिया है।

शल्यक्रिया का समय (Timing of Operation)

  • प्रसवोत्तर नसबंदी (Postpartum): प्रसव के पहले सप्ताह के भीतर ही की जा सकती है जब मां अस्पताल में हो।
  • अंतरावधि नसबंदी (Interval): प्रसव के **6 सप्ताह** बाद या महिला के गैर-गर्भवती होने पर कभी भी की जा सकती है।
  • इसे सिजेरियन सेक्शन (सिटक-फाड़ वाले प्रसव) या गर्भपात (MTP) के साथ भी आसानी से कंबाइन किया जा सकता है।